Friday, 28 May 2021

रोजगारपरक हिंदी

 

राधानगरी महाविद्यालय, राधानगरी

                               -प्रा. .एम.कांबळे

बी.. भाग. 2, सेमिस्टर-IV

प्रश्नपत्र-V (पत्रलेखन)

रोजगारपरक हिंदी

·        पाठ्यांश

इकाई-4 पत्रलेखन :

·       आवेदन पत्र

·        नौकरी के लिए आवेदन पत्र :

यह एक विस्तृत पत्र होता है। इसके अंतर्गत प्रेषक अपना नाम, पता, जन्मतिथि, वैवाहिक स्वरूप, शैक्षिक योग्यता, कार्यानुभव, विशेष अर्हता आदि की निम्नांकित रूपरेखा के अनुसार जानकारी देकर सेवा का अवसर प्रदान करने की प्रार्थना करता/करती है। आवेदन पत्र में सौंपा जानेवाला कार्य अथवा जिम्मेदारी को निष्ठा, लगन से पूर्ण करने का आश्वासन होना चाहिए। ऐसे पत्र के साथ उचित दस्तावेज भेजना भी जरूरी होता है। आवेदन पत्र की भाषा अत्यंत स्पष्ट होनी चाहिए। आवेदक को ऐसे पत्र में झूठी जानकारी देने से बचना चाहिए। आवेदन पत्र का आधार तथ्य होना चाहिए।

·        उदा.

दैनिकनवभारत टाइम्सके दि. 4 अप्रैल, 2002 के विज्ञापन के अनुसार सुजय/सुजाता भोसले, 1151, वॉर्ड, इस्लामपुर, जि. सांगली, प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया, विभागीय कार्यालय, नरिमन पाँइंट, मुंबई-400 032 के नामलिपिकपद के लिए आवेदन पत्र लिखता/लिखती है।

 

उपर्युक्त पत्र का नमूना तैयार कीजिए।

 

 

 

 

 

                                                

                                                  सुजय भोसले,

                                                  1151, वॉर्ड,

                                                  इस्लामपुर, जि. सांगली।

                                                  दि. 4 अप्रैल, 2002

प्रतिष्ठा में,

     मा. विभागीय प्रबंधक,

     बैंक ऑफ इंडिया,

     विभागीय कार्यालय,

     नरिमन पाँइंट,

     मुंबई - 400 032

        विषय:लिपिकपद के संदर्भ में।

        संदर्भ: दैनिकनवभारत टाइम्सके दि. 4 अप्रैल, 2002 के अंक में प्रकाशित

              आपका विज्ञापन।

मान्यवर महोदय,

     उपर्युक्त विज्ञापन के संदर्भ में नम्र निवेदन है कि आपकी बैंक में रिक्त लिपिक पद पर कार्य करने के लिए मैं उत्सुक हूँ। मेरी योग्यता एवं विस्तृत जानकारी निम्नांकित है-

   1. पूरा नाम - सुजय नारायण भोसले।

   2. जन्मतिथि - 5 अगस्त, 1980

   3. उम्र - 22 वर्ष।

   4. वैवाहिक स्थिति - अविवाहित।

   5. शैक्षिक योग्यता - बी. काॅम. (द्वितीय श्रेणी)

   6. कार्यानुभव - स्थानीय बैंक में लिपिक पद पर 2 वर्ष कार्य।

   7. विशेष योग्यता - संगणक संचालन में कुशल।

   8. संदर्भ सूत्र - श्री. विश्वास पाटील, 21 सुर्वेनगर, सांगली।

      मेरी उपरोक्त जानकारी एवं योग्यताओं को देखते हुए यदि आप मुझे आपकी बैंक में सेवा का अवसर प्रदान करेंगे, तो मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी दक्षता से निभाऊँगा। मेरी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण मुझे नौकरी की सख्त जरूरत है। आशा है, आप मेरी प्रार्थना का प्राधान्यता से विचार करेंगे।

                                                       आपका विनम्र,

                                                       (सुजय भोसले)

 

·         संलग्न : 1. उपाधि पत्र,  2. कार्यानुभव  3. संगणक परीक्षा प्रमाणपत्र।           

 

2. ज्ञापन :

कार्यालय में प्राप्त आवेदन पत्र, पत्र की स्वीकृति, आवेदन पत्र के अनुसार नियुक्ति, अधीनस्थ कार्यालयों को विभिन्न सूचनाएँ देने जैसे अनेक कारणों से जो पत्र लिखा जाता है, उसेज्ञापनकहते हैं। कार्यायलीन पत्राचार में इसका सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। इसका आकार छोटा होता है तथा भाषा आदेशात्मक या सूचनात्मक होती है। इस पत्र में प्रेषक, प्रेषिती, संबोधन, अभिवादन, स्वनिर्देश नहीं होता है। यह पत्र तटस्थ, संयमित भाषा में लिखा जाता है। इसकी वाक्य रचना में अन्यपुरुष एकवचन का प्रयोग किया जाता है।

·         उदा.

ज्ञापन (नियुक्ति पत्र के रुप में)

श्री. रमाकांत झा, उपसचिव, गृह मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, मुंबई श्रीमती विजया शिरोटे, 2 , जानकी अपार्टमेंट, सदाशिव पेठ, पुणे-411030 के नाम उनके आवेदन पत्र के उत्तर में नियुक्ति पत्र भेजते हैं।

उपरोक्त ज्ञापन का प्रारूप तैयार कीजिए।

पत्रसंख्या 1920/../गृ. /2000-1

महाराष्ट्र सरकार

गृह मंत्रालय

                                                    मुंबई, दि. 4 जून, 2004

ज्ञापन

      विषय : प्रथम श्रेणी लिपिक पद पर नियुक्ति।

     श्रीमती विजया शिरोटे को उनके 30 मार्च, 2000 के आवेदन पत्र के उत्तर में सूचित किया जाता है कि उनकी नियुक्ति प्रथम श्रेणी लिपिक पद पर पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय, पुणे के धनकवडी स्थित विभागीय कार्यालय में निम्नांकित शर्तों पर की गई है-

1.   प्रस्तुत नियुक्ति अस्थायी है, पर संतोषप्रद कार्य के बाद स्थायी करने पर विचार किया जा सकता है।

2.   पद की वेतन श्रेणी 3000-150-4000-200-5000 होगी।

3.   आवेदन को 15 जून, 2004 तक कार्यभार ग्रहण करना होगा।

                                                        (रमाकांत झा)

                                                         उप सचिव

                                                       महाराष्ट्र सरकार

सेवा में,

    श्रीमती विजया शिरोटे,

    2-, जानकी आपर्टमेंटस्,

    सदाशिव पेठ,

    पुणे-411030

3. छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र:

पढ़ते या नौकरी करते समय हमें अनेक कारणों से छुट्टी या अवकाश की आवश्यकता होती है। ऐसे अवकाश या छुट्टी की माँग करते समय जो पत्र लिखा जाता है, वहछुट्टी के लिए प्रार्थना पत्रकहा जाता है। इसके निम्नांकित प्रकार होते हैं.

1.  आकस्मिक अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र।

2.  दीर्घकालीन अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र।

3.  बीमारी की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र।

4.  अर्जित अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र।

5.  वैकल्पिक छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र।

6.  कार्यावकाश के लिए प्रार्थना पत्र।

छुट्टी के स्वरूप के अनुसार प्रार्थना पत्र में थोड़ा-बहुत अंतर होता है। दीर्घ अवकाश के प्रार्थना पत्र में संपर्क स्थापित करने हेतु पता दिया जाता है। प्रार्थना पत्र संक्षेप में होना चाहिए। उसकी भाषा विनम्र होनी चाहिए।

·        आकस्मिक अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र

·         उदा.

रजाक/रजिया मुल्ला, अकबर मोहल्ला, मालेगाँव; प्राचार्य, लियाकत कला महाविद्यालय, नासिक के नाम गाँव जाने के लिए दो दिन के छुट्अी की माँग करता/करती है।

उपरोक्त पत्र का नमूना तैयार कीजिए।

                                                    

                                                       रजिया मुल्ला,

                                                       अकबर मोहल्ला,

                                                       मालेगाँव,

                                                       दि. 10 अगस्त, 2001

सेवा में,

    मा. प्राचार्य,

    लियाकत कला महाविद्यालय,

    नासिक।

        विषय : दो दिन के अवकाश के बारे में।

 

महादेय,

     नम्र निवेदन है कि गाँव के मेले में शरीक होने के लिए मुझे दि. 11 तथा 12 अगस्त, 2001 के दो दिनों के अवकाश की जरूरी है। अतः अनुरोध है कि उपरोक्त दो दिनों का आकस्मिक अवकाश मंजूर करें और मेरी अनुपस्थिति क्षमापित कर कृतार्थ करें।

                                                        आपकी आज्ञाकारी,

                                                          रजिया मुल्ला

                                                         प्रथम वर्ष (कला)

·         संलग्न: अभिभावक का पत्र।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

4.   कार्यालय आदेश (Office order)

कार्यालय आदेश शासकीय पत्रों का वह रूप है, जो किसी भी कार्यालय या मंत्रालय के कर्मचारियों को उनसे संबद्ध सूचनाएँ देने के लिए लिखे जाते हैं। सरकारी कामकाम के एक प्रमुख संपर्क माध्यम के रूप में इसका प्रयोग किया जाता है। कार्यालय आदेश का उपयोग किसी मंत्रालय, संबद्ध विभाग, प्रभाग, अनुभाग एंव कार्यालय के कर्मचारियों के लिए अधिकारी व्यक्ति द्वारा संबंधित कार्य हेतु किया जाता है। उनके द्वारा दिए गए आदेशों का अनुपालन करना संबंधित कर्मचारियों का परम कर्तव्य होता है। ऐसे पत्रों का प्रयोग अवकाश स्वीकृत/अस्वीकृत की सूचना देना, नियुक्ति और पदोन्नति की सूचना देना, स्थायीकरण या स्थानांतरण आदि की सूचना देना, किसी विशेष कार्य-विधि के नविनीकरण, परिवर्तन आदि की सूचना देना, किसी प्रशासकीय आदेश के पालन के संबंध में सूचना देना, प्रशासन से संबंधित निर्देश की सूचना देना आदि के लिए किया जाता है।

·         उदा.

मुंबई के शिक्षा निदेशक कार्यालय के शिक्षा निदेशक श्री. कुमार गौरव कार्यालय स्थानांतरण अवधि में कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का अवकाश लेने का आदेश देते हुए कार्यालय आदेश लिख रहे हैं। कार्यालय आदेश का प्रारूप तैयार कीजिए।

 (कार्यालय आदेश)

 

संख्या: 8 //6/02

शिक्षा निदेशक कार्यालय

                                                         मुंबई।

                                                         दि.: 9 जून, 2002

कार्यालय आदेश

      शिक्षा निदेशक कार्यालय अपने नवीन भवन में स्थानांतरित किया जा रहा है। अतः 15 जून, 2002 से 30 जून, 2002 तक किसी भी वर्ग के कर्मचारी को कोई अवकाश प्रदान नहीं किया जाएगा।

                                                      (कुमार गौरव)

                                                      शिक्षा निदेशक

प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित :

1.  अनुभाग अधिकारी, शिक्षा निदेशक कार्यालय।

 

5. परिपत्र

परिपत्रकोगश्ती चिट्ठीया सक्र्यूलरभी कहते हैं। जो पत्र एक केंद्रबिंदू से निकलकर परिघि में घूमता है और अनेकों तक पहुँचता है, उसेपरिपत्रकहते हैं। एक ही विषय के पत्र की अनेक प्रतियाँ निकालकर अनेक व्यक्तियों को भेजी जाती हैं, उन्हेंपरिपत्रकहते हैं। परिपत्र या तो किसी जानकारी विशेष की माँग करते हैं या सामान्य जानकारी एवं आदेशों आदि की सूचना देते हैं। कोई भी सरकारी पत्र, कार्यालय ज्ञापन, कार्यालय आदेश, पृष्ठांकन, अर्धसरकारी पत्र आदि सब एक साथ अनेकों को भेजे जाते हैं तब वेपरिपत्रबनते हैं।

·         उदा.

श्री. मनोहर पराशर, उपसचिव, खाद्य मंत्रालय, भारत सरकार, सब राज्य सरकारों के नाम अनाज का व्यापार राज्यों के हाथों सौंपने की सूचना देते हुए परिपत्र लिख रहे हैं। परिपत्र का प्रारूप तैयार कीजिए।

(परिपत्र)

परिपत्र

भारत सरकार

खाद्य मंत्रालय

पत्र संख्या : 20/8/02 (खा.)                              नई दिल्ली।

                                                    दि.: 15 जनवरी, 2002

प्रेषक,

   श्री. मनोहर पराशर,

   उपसचिव,

   भारत सरकार।

सेवा में,

  सब राज्य सरकारें।

  विषय : राज्यों द्वारा अनाज का व्यापार।

महोदय,

मुझे यह सूचित करने का निदेश हुआ है कि अनाज के व्यापार में बेहद मुनाफाखोरी, कालाबाजारी एवं धाँधली फैली हुई है, जिसके कारण कभी यहाँ तो कभी वहाँ अनाज की बेहद तंगी पैदा हो जाती है और भाव सीमाओं को तोड़कर बढ़ जाते हैं। उस पर विचार करने के बाद भारत सरकार इस नतीजें पर पहुँची है कि अनाज के व्यापार को अधिकाधिक पैमाने पर राज्यों के हाथों में दे दिया जाए।

 

 

जुगाड (कादंबरी)

 बी. ए. भाग:२

अभ्यासक्रमपञिका :६

सञ:४

पाठ्यपुस्तक: जुगाड(कादंबरी)

विषय प्राध्यापक:प्रा.बी के पाटील

प्रश्न:योग्य पर्याय निवडा.

१)   कोया सेठ कोणत्या कंपनीचा मालक होता ?

अ)   वुईवन कंपनी

ब)    हाॅलमार्क कंपनी

क)   प्रभा कन्स्टक्शन

ड)    आलीया कन्स्टक्शन

२)   चेअरमनवर चिडलेला थाॅमस म्हणाला,"इस साईटको अब सिर्फ आपका साब या ......... दोही लोग बचा सकता है"

अ)   कोया सेठ

ब)    भूमीनंदन साब

क)    जिझस

ड)     अल्ला

३)   आफिसजवळच्या चढावर निघालेला साप कोणत्या जातीचा होता असे पांडू म्हणाला?

अ)   धामीण

ब)    मण्यार

क)    घोणस

ड)    नाग

४)   आंफिसजवळच्या चढावर निघालेल्या नागाला कोणी मारले?

अ)   पांडू 

ब)    नंदू

क)    मुकिंदा

ड)    हिरा

५)   पांडूने मारलेल्या नागाला........

अ)   भिंतीतच चिणले

ब)    दूर ओढ्यात भिरकावले

क)   ओढ्याच्या काठाला जाळले

ड)    वाहत्या नदीत सोडले

६)   सीमाच्या बहिणीच्या सासरकडच्या लोकांना सगळा प्लॅन्ट कोणी फिरुन दाखवला?

अ)    सीमाने

ब)     शशाने

क)     युसूफने

ड)    पांडूने

७)   सीमाच्या बहीणीच्या सासरकडच्या लोकांची टूर कोठे निघाली?

अ)    मौनी महाराज मठ

ब)    कोल्हापूरचे म्युझियम

क)    रंकाळा तलाव

ड)    पन्हाळा

८)   सीमाच्या बहिणीच्या सासरकडच्या लोकांच्या टूर बरोबर........

अ)   शशा गेला नाही

ब)    येण्यासाठी शशाला कोणी विचारले नाही.

क)    शशा सामील झाला

ड)    जाण्याचे ऐनवेळी रद्द झाले.

९)   हाॅलमार्क कंपनीच्या मालकाचे नाव काय होते?

अ)   कोया सेठ

ब)    दासगुप्ता

क)    एस . सुब्रह्यण्यम

ड)    ऋतुराज शर्मा

१०)   'प्लॅन्ट शूरु करना है या नही' या दासगुप्ताच्या प्रश्नावर शशाने काय उत्तर दिले?

अ)   'चलाने का नही, दौडने का है'

ब)    'चलाने का है'

क)    'चलाने की कोशिश में है'

ड)    'देखा जाएगा साब जी'

उत्तरे.............................

१)  अ)  वुईमन कंपनी

२)   क)  जिझस

३)   ड)   नाग

४)   अ)  पांडू

५)   क)  ओढ्याच्या काठाला जाळले

६)  ब)  शशाने

७)   अ)  मौनी महाराज मठ

८)   क)  शशा सामील झाला

९)   ब)  दासगुप्ता

१०) अ)  'चलाने का नही, दौडने का है'

अक्षरबंध / कविता : पर्सनल मुलाखत

 बी. ए. भाग : १

अभ्यासक्रमपञिका क्रं:२

सञ :२

पाठ्यपुस्तक : अक्षरबंध

कविता : पर्सनल मुलाखत

विषय प्राध्यापक : प्रा. बी. के. पाटील.

प्रश्न :योग्य पर्याय निवडा.

१)   लेखी परीक्षेत उत्तीर्ण होण्यासाठी काय पणाला लावलं असे कवी'पर्सनल मुलाखत' या कवितेत म्हणतात?

अ)   जात

ब)    धर्म

क)   कॅलिबर

ड)    पैसा

२)   कोणती गोष्ट मेणबत्तीसारखी वितळून पाण्यापेक्षा पातळ झाली, असे कवी'पर्सनल मुलाखत' या कवितेत म्हणतात?

अ)   कॅलिबर

ब)    जात

क)    पैसा

ड)    योग्यता

३)   पर्सनल मुलाखतीच्या वेळी दगडी किल्याचे एका लाटेत काय झाले, असे कवी 'पर्सनल मुलाखत' या कवितेत म्हणतात?

अ)   वाळू

ब)    तट

क)  निषेध

ड)    करंट

४)   जात कशासारखी असते, असे कवी 'पर्सनल मुलाखत' या कवितेत म्हणतात?

अ)   दगडी किल्यासारखी

ब)    विद्युत प्रवाहासारखी

क)   वाळूसारखी

ड)    करंटसारखी

५)   विद्युत प्रवाहात तार दिसते पण काय दिसत नाही, असे कवी 'पर्सनल मुलाखत' या कवितेत म्हणतात?

अ)   करंट

ब)    जात

क)   धर्म

ड)    विद्युत प्रवाह

६)   पर्सनल मुलाखतीच्या वेळी कोणती गोष्ट कळीचा मुद्दा ठरली, असे कवी'पर्सनल मुलाखत' या कवितेत म्हणतात?

अ)   कॅलिबर

ब)    प्रावीण्य

क)    जात

ड)    योग्यता

उत्तरे,.....................

१)   क)कॅलिबर

२)   ड) योग्यता

३)   अ) वाळू

४)    ब) विद्युत प्रवाहासारखी

५)   अ) करंट

६)    क) जात

Thursday, 27 May 2021

वस्तू संग्रहालये

वस्तू संग्रहालये

B.A.III पेपर १६ 


ज्या ठिकाणी ऐतिहासिक वस्तूंची मांडणी केलेली असते ज्याद्वारे संशोधन, शिक्षण, राष्ट्रीय उदात्तीकरण व सांस्कृतिक वारसा जपला जोपासला जातो असे ठिकाण म्हणजे वस्तुसंग्रहालय होय.

वस्तू संग्रहालय आणि मध्ये दुर्मिळ वस्तू मिळवणे त्याचे संवर्धन करणे त्यांचे प्रदर्शन करणे इत्यादी बाबींचा समावेश होतो.

Museum या शब्दाला मराठीत वस्तुसंग्रहालय हा शब्द वापरला जातो  Muses म्युझेस  ही ग्रीक पुराणातील एक देवता आहे. मुख्य प्रेरणा दैवी प्रेरणा सर्जनशील प्रभाव व उत्तेजन देणारी देवता असा आहे.

वस्तुसंग्रहालयाच्या प्रगतीचे तीन टप्पे पडतात.

१).  सुरुवातीच्या काळात वस्तू गोळा करणे संशोधनासाठी काही वेळा प्रसिद्धीसाठी अशा वस्तू एकत्र केल्या जातात.

२). या टप्प्यात वस्तूंची अधिक काळजी घेतली जाते. लोकांना त्या योग्य पद्धतीने दिसाव्यात अशा पद्धतीने त्याची मांडणी केली जाते.

३).   प्रदर्शनीय वस्तू जनसामान्यांना आकर्षित करतील आकर्षित करतील अशा पद्धतीने मांडण्यात येतात व यातून प्रदर्शन आणि शिक्षण या दोन्ही गोष्टींना महत्त्व दिले जाते.

            युनेस्कोने आमचे पुढील कार्य सांगितलेले आहेत.१). प्रदर्शनीय वस्तू गोळा करणे २) त्या वस्तूंचे रक्षण करणे.३). त्या वस्तूंचे प्रदर्शन करणे.४). संशोधनाला सहाय्यभूत वस्तू संशोधनासाठी उपलब्ध करून देणे.५). आपल्याजवळ असलेल्या वस्तूंचे महत्त्व ग्रंथ टाकून प्रकट करणे.६). या वस्तूंची विविध ठिकाणी प्रदर्शन करणे.


वस्तुसंग्रहालयांचे प्रकार

१) ग्रामीण संग्रहालय 

अ. शेतीविषयक संग्रहालय

ब. स्थानिक लोककला व पुरातत्व संग्रहालय

क. तंत्रज्ञान संग्रहालय

ड. व्यक्तिविशेष संग्रहालय

२).  शहरी संग्रहालय

अ. कला व पुरातत्व संग्रहालय

आ. शास्त्र व तंत्रशास्त्र संग्रहालय

इ. मानववंश शास्त्रीय संग्रहालय

ई. व्यक्तिविशेष संग्रहालय

उ. वनस्पती व प्राणी संग्रहालय

ऊ. ग्रंथ संग्रहालय

ए. टपाल तिकिटांचे संग्रहालय

ऐ. संरक्षणविषयक संग्रहालय

ओ. आरोग्यविषयक संग्रहालय

औ. शिशु संग्रहालय

३). आधुनिक वस्तुसंग्रहालय

आधुनिक कालखंडात डिजिटल जमाना सुरू झाला आहे आणि या कालखंडात लागलेल्या नवीन शोध संशोधनाची संग्रहालय उपलब्ध होत आहेत. ज्याला पण डिजिटल लायब्ररी असे म्हणतो.

मराठी भाषा व अर्थाजर्नाच्या संधी क) मराठी टंकलेखन, युनिकोड व पीपीटी

 बी. ए भाग :३

अभ्यासक्रमपञिका क्रं : १५

सञ : ६

पाठ्यपुस्तक :मराठी भाषा व अर्थाजर्नाच्या संधी

क) मराठी टंकलेखन, युनिकोड व पीपीटी.

विषय प्राध्यापक प्रा. बी. के. पाटील

प्रास्ताविक : औघोगिककरणाच्या बाबतीत महाराष्ट्र देशातील अग्रेसर राज्य आहे. मोठ्या शहरात मोठ्या प्रमाणात उद्योग सुरु झाले. कोल्हापूरलाही उद्योग व्यवसायाचा     मोठा वारसा आहे उद्योगांनी समाजाचे देणे लागते या भावनेतून अनेक उपक्रम सुरु केले . मराठी नियतकालिके हा यातील एक उपक्रम आहे

प्रश्न :१)  ........यांनी टंकलेखनाचे पहिले एकस्व पेटंट १७१४ साली घेतले ?

अ)   हेन्री मिल

ब)     क्रिस्टोफर

क)    रेमिंग्टन

ड)    क्रिस्टल

२)   टंकांचे तुकडे हे तरफा आणि.......... वापरुन कार्यान्वित करण्यात येत असे ?

अ)   वायरा

ब)    तारा

क)    टंक

ड)    वाहक

३)   टंकलेखन पद्धतीला........... असे म्हणतात?

अ)   जोर पद्धत

ब)    दाब पद्धत

क)   स्पर्श पद्धत

ड)   स्क्रु पद्धत

४)  भारतात........... पर्यंत परदेशातून सुटे भाग आणून टंकलेखन यंञे बनवली जात ?

अ)   १९४०

ब)    १९४६

क)    १९४१

ड)    १९३०

५)   ..........वर्षापासून टंकलेखन यंञावर घेतली जाणारी परीक्षाबंद झाली ?

अ)    २०१८

ब)    २०१९

क)   २०१६

ड)    २०१५

६)   आज.............टंकलेखनाची सुविधा वापरली जाते?

अ) मोबाईलवरील

ब)संगणकावरील

क)   स्क्रिनवरील

ड)    मेलवरील

७)   टंकलेखनासाठी ........प्रणाली आपल्या संगणकावर स्थापित करता येते ?

अ)   ISM

ब)    MSI

क)   SIM

ड)    IMS

८)   संगणका हा वापरकर्त्याशी ......... वागणारा 

बनला आहे?

अ)   चांगला

ब)    दुष्ट

क)   वाईट

ड)    मैञीपूर्ण 

उत्तरे...........

१)  अ)  हेन्री मिल

२)  ब)   तारा

३)  क)   स्पर्श पद्धत

४)  ड)   १९३०

५)  क)   २०१६

६)  ब)    संगणकावरील

७)  अ)   ISM

८)  ड)   मैञिपूर्ण

BCOM_AEC

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